डेंगू से बचने के 10 घरेलू नुस्खे

डेंगू से बचने के 10 घरेलू नुस्खे

 

  • डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचना बहुत ज़रूरी है जिनसे डेंगू के वायरस फैलते हैं ।
  • ऐसी जगह जहां डेंगू फैल रहा है वहां पानी को जमने नहीं देना चाहिए जैसे प्लास्टिक बैग, कैन ,गमले, सड़को या कूलर में जमा पानी ।
  • मच्छरों से बचने का हर सम्भव प्रयास करना चाहिए जैसे मच्छरदानी लगाना,पूरी बांह के कपड़े पहनना आदि।
  • बदलते मौसम में अगर आप किसी नयी जगह पर जा रहे हैं, तो मच्छारों से बचने के उत्पादों का प्रयोग करें।
  • आपके घर के आसपास अगर कहीं जगजमाव हो रहा है, तो वहां सफाई का खास ख्याल रखें।
  • मच्छर पैदा होने से रोकने का हर संभव प्रयास करें।
  • 5 दिन से अधिक समय तक बुखार होने पर रक्तजांच ज़रूर करा लें। डेंगू से बचना है तो मच्छरों से बचें।

 

डेंगू बुखार ‘डेन वायरस’ के कारण होता है। एक बार शरीर में वायरस जाने के बाद डेंगू के बुखार के लक्षण आमतौर पर 5 से 6 दिन के भीतर दिखाई देने लगते हैं। डेंगू बुखार का वायरस एड़ीज नामक मादा मच्छर के काटने से होता है। वह मच्छर दिन के समय में काटता है।  डेंगू से बचने का एकमात्र उपाय है मच्छकरों से बचना। जैसा कि हम सभी जानते है कि डेंगु वायरस से होने वाली बीमारी है इसलिए इसके इलाज के लिए कोई दवा नहीं है। सावधानी बरतें और डेंगू मच्छरों से बचें यही सबसे आसान उपाय है।

डेंगू का इलाज इससे होने वाली परेशानियों को कम कर के ही किया जा सकता है। डेंगू बुखार में आराम करना और पानी की कमी को पूरा करना बहुत ज़रूरी हो जाता है ।  हालांकि डेंगू बुखार को लेकर लोगो में बहुत सी गलत धारणाएं हैं और डेंगू से मौत भी निश्चित नहीं है।  डेंगू बुखार से होने वाली मौतें 1 प्रतिशत से भी कम हैं।  यह बीमारी अकसर एक से दो हफ्ते तक रहती है।

ध्यान रहे कि डेंगू का मच्छर दिन के समय ही काटता है, इसलिए दिन में खुद को मच्छरों से बचाएं, मच्छरों से बचाने वाली क्रीम लगाएं और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। खासतौर पर बरसात के समय फुल बाहों वाली कमाज और चप्पलों की जगह जूते जरूर पहनें। घर में कूलर, गमलों व परिंदों के पानी के लिये रखे बर्तनों आदि का पानी साफ करें। अपने घर के आसपास के गड्ढों में लार्वाभक्षी मछलियां डालें। ये मछलियां मलेरिया कार्यालय में निःशुल्क उपलब्ध होती हैं। घर में पानी की टंकियों को अच्छी तरह से ढंक कर रखें।

 

1 विटामिन सी – खाने में जितना हो सके विटामिन सी से युक्त पदार्थों का सेवन करें। विटामिन-सी आपको स्वस्थ रखने के साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में     मदद करता है। इसके अलावा यह किसी भी प्रकार के संक्रमण को फैलने से भी रोकता है।

2  हल्दी का प्रयोग – किसी भी रूप में खान-पान में हल्की का सेवन करें। सामान्यत: सब्जी या दाल में हल्दी का प्रयोग तो होता ही है, इसके अलावा आप चाहें तो हल्दी वाले
  दूध का सेवन कर सकते हैं।  इसमें मौजूद एंटीबायोटिक तत्व आपके प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर बीमारियों से आपकी रक्षा करते हैं।
3  तुलसी और शहद – तुलसी और शहद का प्रयोग करने से भी डेंगू से बचावकिया जा सकता है। इसके लिए तुलसी को पानी में उबालकर, इसमें शहद डालकर पिया जा सकता  है। इसके अलावा आप काढ़ा या चाय में तुलसी का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण बीमारियों से बचाव में सहायक है।
4  पीपीते के पत्ते – डेंगू के इलाज में पपीते की पत्त‍ियां बेहतर इलाज के रूप में जानी जाती हैं। पपीते के पत्ते का रस निकालकर दिन में दो बार लगभग 2-3 चम्मच की मात्रा में
 लेने से डेंगू से बचावकिया जा सकता है। इसमें प्रोटीन से भरपूर पपेन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो पाचन शक्ति को ठीक करता है इसके अलावा लाल रक्त कणों में भी वृद्धि करता है।
5  अनार – डेंगू बुखार में शरीर में होने वाली रक्त की कमी और कमजोरी को दूर करने के लिए, अनार का सेवन फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद विटामिन ई, सी, ए और फोलिक एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट बेहद लाभप्रद साबित होते हैं। यह लाल रक्त कणों के निर्माण में भी महत्वूर्ण भूमिका निभाता है, जो खून की कमी को पूरा करने में सहायक है।
6  मेथी – मेथी की हरी पत्तियों का सेवन डेंगू से बचाव में मददगार होते हैं। इसके प्रयोग से शरीर से सभी हानिकारक और विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा शारीरिक दर्द और अनिद्रा की समस्या में भी यह लाभकारी होती है। इसकी सब्जी या इसे पानी में उबालकर प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा मेथीदाने का प्रयोग भी किया जा सकता है।
7  गि‍लोय – गि‍लोय हर तरह की बीमारी में अमृत के समान होती है। इसके प्रयोग से लाल रक्त कणि‍काओं का निर्माण होता है और प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है। तुलसी के साथ इसका काढ़ा बनाकर पीने से लाभ होता है। इसके अलावा गिलोय का जूस या इसकी गोलियां खाना भी फायदेमंद हो सकता है। दि‍न में दो से तीन बार किसी भी रूप में गिलोय का प्रयोग करना, डेंगू से बचने के लिए रामबाण उपाय है।
8  बकरी का दूध – जी हां, डेंगू बुखार होने पर बकरी के दूध का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। इसके लिए बकरी का कच्चा दूध दिन में दो से तीन बार थोड़ी मात्रा में पीने लाभ होता है। इसके अलावा यह खून की कमी को दूर कर, प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है और शरीर व जोड़ों के दर्द में लाभकारी होता है।
9  जवारे का रस – जवारे यानि गेहूं की घास का रस पीने से भी रक्त में प्लेटलेट्स का निर्माण तेजी से होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। प्रतिदिन दो बार इसका प्रयोग करने से डेंगू का खतरा कम होता है।
10  सूप – सामान्य भोजन के अलावा सूप का प्रयोग भी जरूर करें। यह आपके स्वाद को बरकरार रखेगा और भूख न लगने की शि‍कायत दूर करेगा। इसके अलावा दलिया का प्रयोग करना भी बेहतर होगा, यह आपको उर्जा देने के साथ ही पाचन को दुरूस्त करेगा।

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